जरुरत नहीं पडती, दोस्त की तस्वीर की। देखो जो आईना तो दोस्त नज़र आते हैं, दोस्ती में..
येह तो बहाना है कि मिल नहीं पाये दोस्तों से आज..दिल पे हाथ रखते ही एहसास उनके हो जाते हैं, दोस्ती में..
नाम की तो जरूरत हई नहीं पडती इस रिश्ते मे कभी..पूछे नाम अपना ओर, दोस्तॊं का बताते हैं, दोस्ती में..
कौन केहता है कि दोस्त हो सकते हैं जुदा कभी..दूर रेह्कर भी दोस्त, बिल्कुल करीब नज़र आते हैं, दोस्ती में..
सिर्फ़ भ्रम हे कि दोस्त होते ह अलग-अलग..दर्द हो इनको ओर, आंसू उनके आते हैं , दोस्ती में..
माना इश्क है खुदा, प्यार करने वालों के लिये “अभी”पर हम तो अपना सिर झुकाते हैं, दोस्ती में..
ओर एक ही दवा है गम की दुनिया में क्युकि..भूल के सारे गम, दोस्तों के साथ मुस्कुराते हैं, दोस्ती में.
हिंदी जोक्स
Saturday, September 11, 2010
बातें करके रुला ना दीजिएगा
बातें करके रुला ना दीजिएगा…यू चुप रहके सज़ा ना दीजिएगा…
ना दे सके ख़ुशी, तो ग़म ही सही…पर दोस्त बना के यूही भुला ना दीजिएगा…
खुदा ने दोस्त को दोस्त से मिलाया…दोस्तो के लिए दोस्ती का रिस्ता बनाया…
पर कहते है दोस्ती रहेगी उसकी क़ायम…जिसने दोस्ती को दिल से निभाया…
अब और मंज़िल पाने की हसरत नही…किसी की याद मे मर जाने की फ़ितरत नही…
आप जैसे दोस्त जबसे मिले…किसी और को दोस्त बनाने की ज़रूरत नही ***!
ना दे सके ख़ुशी, तो ग़म ही सही…पर दोस्त बना के यूही भुला ना दीजिएगा…
खुदा ने दोस्त को दोस्त से मिलाया…दोस्तो के लिए दोस्ती का रिस्ता बनाया…
पर कहते है दोस्ती रहेगी उसकी क़ायम…जिसने दोस्ती को दिल से निभाया…
अब और मंज़िल पाने की हसरत नही…किसी की याद मे मर जाने की फ़ितरत नही…
आप जैसे दोस्त जबसे मिले…किसी और को दोस्त बनाने की ज़रूरत नही ***!
शादी का पहला ही साल था
अभी शादी का पहला ही साल था,ख़ुशी के मारे बुरा हाल था!खुशियाँ कुछ यूँ उमड़ रही थीं,की संभाले नहीं संभल रही थी!!सुबह सुबह मेडम का चाय लेकर आना,थोडा शर्माते हुए हम नींद से जगाना,वो प्यार भरा हाथ हमारे बालों में फिराना,मुस्कुराते हुए कहना की डार्लिंग चाय तो पी लो,जल्दी से रेडी हो जाओ आपको ऑफिस भी जाना है!!
घरवाली भगवान् का रूप लेकर आयी थी,दिल और दिमाग दोनों पर छाई थीसांस भी लेते थे तो नाम उसी का होता था,एक पल भी जीना दूर दुस्वार होता था!!
५ साल बाद………..
सुबह सुबह मेडम का चाय लेकर आनाटेबल पर रख कर जोर से चिल्लाना,आज ऑफिस जाओ तो मुन्ना को श्कूल छोड़ते हुए जाना……………
एक बार फिर वोही आवाज आयी,क्या बात है अभी तक छोड़ी नहीं चारपाई,अगर मुन्ना लेट हो गया तो देख लेना!!मुन्ना की टीचर्स को फिर खुद ही संभाल लेना!!
न जाने घरवाली कैसा रूप लेकर आयी थी,दिल और दिमाग पर काली घटा चाई थी!!साँस भी लेते तो उन्ही का ख्याल होता,हर समय जेहान में एक ही सवाल होता!!क्या कभी वो दिन लौटकर आएगा,क्या हम एक बार फिर कुवारे बन पाएंगे!
घरवाली भगवान् का रूप लेकर आयी थी,दिल और दिमाग दोनों पर छाई थीसांस भी लेते थे तो नाम उसी का होता था,एक पल भी जीना दूर दुस्वार होता था!!
५ साल बाद………..
सुबह सुबह मेडम का चाय लेकर आनाटेबल पर रख कर जोर से चिल्लाना,आज ऑफिस जाओ तो मुन्ना को श्कूल छोड़ते हुए जाना……………
एक बार फिर वोही आवाज आयी,क्या बात है अभी तक छोड़ी नहीं चारपाई,अगर मुन्ना लेट हो गया तो देख लेना!!मुन्ना की टीचर्स को फिर खुद ही संभाल लेना!!
न जाने घरवाली कैसा रूप लेकर आयी थी,दिल और दिमाग पर काली घटा चाई थी!!साँस भी लेते तो उन्ही का ख्याल होता,हर समय जेहान में एक ही सवाल होता!!क्या कभी वो दिन लौटकर आएगा,क्या हम एक बार फिर कुवारे बन पाएंगे!
Sunday, April 18, 2010
शेर शायरी दर्द
1) दिल के दर्द को दिल तोड़ने वाले क्या जाने,
प्यार कि रश्मो के ये ज़माने वाले क्या जाने,
होती है कितनी तकलीफ कब्र के नीचे,
ये ऊपर से फूल चड़ने वाले क्या जाने.
प्यार कि रश्मो के ये ज़माने वाले क्या जाने,
होती है कितनी तकलीफ कब्र के नीचे,
ये ऊपर से फूल चड़ने वाले क्या जाने.
मार्च का टार्गेट.
एक भले आदमीने दिनमे मच्छर को देखा और बोला," अरे तुम तो रात मे ही आते होना, अभी क्यो आए ?"
मच्छर बोला,"मार्च महिना है ना, टार्गेट पुरा करना है ओव्हर टाईम कर रहा हूं ।"
at 9:56
मच्छर बोला,"मार्च महिना है ना, टार्गेट पुरा करना है ओव्हर टाईम कर रहा हूं ।"
at 9:56
रोमांटिक हिंदी जोक्स , हिंदी जोक्स गुदगुदी जोक्स , हिंदी जोक्स गाँठ , हिन्दी जोक्स हास्य जोक्स
बिट्टू- भाई आज क्या तारीख है?
चिंटू- ठहर अखबार देख कर बताता हूँ।
बिट्टू- इससे कैसे पता लगेगा? यह अखबार तो कल का है।
बस.
बॉस : आज फिर आप दफ्तर मे देरसे आए हो ?
सांता : हां, मेरी मोटरसाईकिल पंक्चर हो गई।
बॉस : तो आप बस मे क्यो नही आते ?
सांता : सर, बस खरिदना मेरेलिए मुमकिन नही है।
रमन- देहात से आए एक आदमी को अँगरेजी के सिर्फ दो ही शब्द आते थे। फिर भी उसने दिल्ली जाकर लाखों रुपए कमाएँ। चमन- अच्छा! क्या थे वे दो शब्द? रमन- हैंड्स अप!...
भगवान... ...
नर्सरी क्लास में बच्चों से पूछा गया- भगवान कहाँ हैं? एक बच्चा- हमारे बाथरूम में। टीचर- तुम्हें कैसे पता? बच्चा- मेरे पापा रोज सुबह बाथरूम का दरवाजा पीटते हुए कहते हैं- हे भगवान तुम अब तक अंदर हो।...
2 दिन पहले
फल खाया करो... ...
डॉक्टर (रोगी से)- बहुत कमजोरी है। फल खाया करो छिलके सहित। एक घंटे बाद.. रोगी- डॉक्टर साहब! मेरे पेट में बहुत दर्द हो रहा है। डॉक्टर- क्या खाया था? रोगी- नारियल छिलके सहित।...
4 दिन पहले
हसीन औरत... ...
प्रेमी (प्रेमिका)- तुम्हें पता है! हसीन औरत कभी किसी भी युवक का पीछा नहीं करती। प्रेमिका- ऐसा क्यों? प्रेमी- क्या तुमने कभी किसी चूहेदान को चूहे की पीछे भागते देखा है?...
बेहाल युवती ...
गर्मी से बेहाल चक्कर खाकर गिरी युवती को खूबसूरत युवक ने कहा- अरे! इतनी सुंदर लड़की यों धूप में जमीन पर पड़ी हैं। अगर यह होश में आ जाए तो मैं इसे रेस्टोरेंट में ले जाकर जूस पिलवा दूँ। इतना सुनते ही युवती तुरंत होश में आ गई और उसने झट से युवक की तरफ हाथ बढ़ा दिया।...
1 दिन पहले
मनमाफिक काम ...
पत्नी ने पति से कहा- 'अपना कम्प्यूटर ठीक काम नहीं कर रहा है। मैं इससे जो चाहती हूँ उसे स्वीकार ही नहीं करता। कभी कारण पूछता है, तो कभी सत्यापन माँगता है। आखिर यह मेरे मनमाफिक काम क्यों नहीं कर रहा?' पति ने मुस्कुराकर जवाब दिया- 'प्रिये, क्योंकि यह कम्प्यूटर है, पति नहीं।'...
तभी तो...! ...
क्लास में अध्यापक ने पूछा- कार और बहुत सारे पैसे कहाँ मिलते हैं? छात्र- स्कूल में। अध्यापक- बेवकूफ! ये तुमसे किसने कहा? छात्र- सर, माँ ने कहा था कि ये सब स्कूल में मिलते हैं, तभी तो मैं स्कूल आया हूँ।...
सही जवाब ...
टीचर (छात्र से)- क्या यह सही जवाब दे रहा है? छात्र- जी हाँ मैडम, यह तो कल स्कूल ही नहीं आया था।
चिंटू- ठहर अखबार देख कर बताता हूँ।
बिट्टू- इससे कैसे पता लगेगा? यह अखबार तो कल का है।
बस.
बॉस : आज फिर आप दफ्तर मे देरसे आए हो ?
सांता : हां, मेरी मोटरसाईकिल पंक्चर हो गई।
बॉस : तो आप बस मे क्यो नही आते ?
सांता : सर, बस खरिदना मेरेलिए मुमकिन नही है।
रमन- देहात से आए एक आदमी को अँगरेजी के सिर्फ दो ही शब्द आते थे। फिर भी उसने दिल्ली जाकर लाखों रुपए कमाएँ। चमन- अच्छा! क्या थे वे दो शब्द? रमन- हैंड्स अप!...
भगवान... ...
नर्सरी क्लास में बच्चों से पूछा गया- भगवान कहाँ हैं? एक बच्चा- हमारे बाथरूम में। टीचर- तुम्हें कैसे पता? बच्चा- मेरे पापा रोज सुबह बाथरूम का दरवाजा पीटते हुए कहते हैं- हे भगवान तुम अब तक अंदर हो।...
2 दिन पहले
फल खाया करो... ...
डॉक्टर (रोगी से)- बहुत कमजोरी है। फल खाया करो छिलके सहित। एक घंटे बाद.. रोगी- डॉक्टर साहब! मेरे पेट में बहुत दर्द हो रहा है। डॉक्टर- क्या खाया था? रोगी- नारियल छिलके सहित।...
4 दिन पहले
हसीन औरत... ...
प्रेमी (प्रेमिका)- तुम्हें पता है! हसीन औरत कभी किसी भी युवक का पीछा नहीं करती। प्रेमिका- ऐसा क्यों? प्रेमी- क्या तुमने कभी किसी चूहेदान को चूहे की पीछे भागते देखा है?...
बेहाल युवती ...
गर्मी से बेहाल चक्कर खाकर गिरी युवती को खूबसूरत युवक ने कहा- अरे! इतनी सुंदर लड़की यों धूप में जमीन पर पड़ी हैं। अगर यह होश में आ जाए तो मैं इसे रेस्टोरेंट में ले जाकर जूस पिलवा दूँ। इतना सुनते ही युवती तुरंत होश में आ गई और उसने झट से युवक की तरफ हाथ बढ़ा दिया।...
1 दिन पहले
मनमाफिक काम ...
पत्नी ने पति से कहा- 'अपना कम्प्यूटर ठीक काम नहीं कर रहा है। मैं इससे जो चाहती हूँ उसे स्वीकार ही नहीं करता। कभी कारण पूछता है, तो कभी सत्यापन माँगता है। आखिर यह मेरे मनमाफिक काम क्यों नहीं कर रहा?' पति ने मुस्कुराकर जवाब दिया- 'प्रिये, क्योंकि यह कम्प्यूटर है, पति नहीं।'...
तभी तो...! ...
क्लास में अध्यापक ने पूछा- कार और बहुत सारे पैसे कहाँ मिलते हैं? छात्र- स्कूल में। अध्यापक- बेवकूफ! ये तुमसे किसने कहा? छात्र- सर, माँ ने कहा था कि ये सब स्कूल में मिलते हैं, तभी तो मैं स्कूल आया हूँ।...
सही जवाब ...
टीचर (छात्र से)- क्या यह सही जवाब दे रहा है? छात्र- जी हाँ मैडम, यह तो कल स्कूल ही नहीं आया था।
तुमको देखा तो यह ख़्याल आया
तुमको देखा तो यह ख़्याल आया की कल रात को मैंने इतना क्यों खाया
तू मेरे दिल में ऐसे समाई है
जैसे बाजरे के खेत में भैंस घुस आई है
तेरी ज़ुल्फ़ें हैं या घाना अँधेरा
कटवा दे बाल , और कर दे सवेरा
जूस पीने का मज़ा कप में नहीं , ग्लास में होता है
ग्रीटिंग कार्ड देने का मज़ा घरवाली को नहीं , साली को होता है
वो लड़ाई ही क्या जिस में दो चार गालियाँ न हो
और वो ससुराल ही क्या जहाँ कोई सालियां न हो
मजनू लैला के बाल पकड़ के बोला
मोया कितने दिन से सर नहीं धोया
जाईये आप कहाँ जायेंगे
हम ख़ुद आपको छोड़ आएंगे
खुश रहे तू सदा यह दुआ है मेरी
तेरी प्रेमिका ही बन जाए भाभी तेरी
हम आपके दिल में रहते है
और भाडा भी नहीं देते है
तू मेरे दिल में ऐसे समाई है
जैसे बाजरे के खेत में भैंस घुस आई है
तेरी ज़ुल्फ़ें हैं या घाना अँधेरा
कटवा दे बाल , और कर दे सवेरा
जूस पीने का मज़ा कप में नहीं , ग्लास में होता है
ग्रीटिंग कार्ड देने का मज़ा घरवाली को नहीं , साली को होता है
वो लड़ाई ही क्या जिस में दो चार गालियाँ न हो
और वो ससुराल ही क्या जहाँ कोई सालियां न हो
मजनू लैला के बाल पकड़ के बोला
मोया कितने दिन से सर नहीं धोया
जाईये आप कहाँ जायेंगे
हम ख़ुद आपको छोड़ आएंगे
खुश रहे तू सदा यह दुआ है मेरी
तेरी प्रेमिका ही बन जाए भाभी तेरी
हम आपके दिल में रहते है
और भाडा भी नहीं देते है
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